Pokhran

✨POKHRAN✨

AUTHOR - Uday Singh
PUBLISHER - @prabhat__publicity__mahuva
FORMAT - Paperback
LENGTH - 222 Pages
RATING - 4/5
@author_uday_singh

आज से 24 साल पहले तत्कालीन अटल सरकार ने राजस्थान के पोखरण में लगातार परमाणु धमाके कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। ऑपरेशन शक्ति'के तहत किए इन परीक्षणों के जरिए सशक्त भारत को और बुलंदी दी थी। 11 मई व 13 मई 1998 को वाजपेयी सरकार ने पोखरण फील्ड फायरिंग रेंज में खेतोलाई गांव पांच परमाणु परीक्षण किए थे। परीक्षण की समूची व्यूह रचना इतनी गुप्त रखी कि किसी को कानों-कान खबर नहीं लगी। 

लेखक उदय सिंह द्वारा लिखित यह किताब भारत सरकार द्वारा पोखरण में किये गए ''लाफिंग बुद्धा '' परिक्षण के इर्द-गिर्द घूमती है। भारत के लिए तो यह परीक्षण एक ओर बड़ी सफलता थी किंतु दूसरी ओर लोग इसके दुष्प्रभावों से अनभिज्ञ थे, इस परीक्षण के समय जन्मे बच्चों विकलांगता का शिकार होना पड़ा, जो बेहद दुखद बात है।

यह कहानी उन विकलांग बच्चों में से ही एक ''चैतन्य'' की है, जिसकी जिंदगी बचपन से ही संघर्षों से घिरी थी, लेकिन वह काफी होशियार था। चैतन्य तथा उसकी पत्नी ज़ारा ने फैसला किया कि पोखरण की सच्चाई को दोनों मिलकर लोगों के सामने प्रकट करेंगे किंतु ज़ारा को मार दिया जाता है, इस बात से चेतन बदला लेने का निर्णय करता है और अकेले ही इस कार्य को पूरा करने के लिए निकल पड़ता है।
आगे क्या हुआ?
क्या वह अपने कार्य में सफल हो पायेगा?
अंत तक जानने के लिए यह किताब जरूर पढ़ें।

लेखक ने पुस्तक को यथार्थवादी तरीके से लिखा है, पात्रों को अच्छी तरह से चित्रित किया गया है, प्रयुक्त भाषा समझने में सरल तथा सटीक है। मैं इस किताब का सुझाव उन लोगों को दूंगी जो हिंदी किताबें पढ़ना पसंद करते हैं।

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